ई-नाम योजना (e-NAM): एक डिजिटल मंडी की ओर कदम
- Fenton Technologies
- 7 अग॰
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भारत में किसान अपनी फसल की बिक्री के लिए पारंपरिक मंडियों पर निर्भर रहते आए हैं, जहां उन्हें अक्सर बिचौलियों और स्थानीय बाजार की मनमानी कीमतों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या का समाधान है ई-नाम (National Agriculture Market – e-NAM) योजना। यह एक ऑनलाइन राष्ट्रीय कृषि बाज़ार है, जो किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम दिलाने के लिए बनाया गया है।
🌐 क्या है ई-नाम योजना?
ई-नाम एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसे भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 2016 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य भारत की विभिन्न कृषि मंडियों को एक डिजिटल नेटवर्क के ज़रिए जोड़ना है, जिससे किसान कहीं से भी, किसी को भी, और बेहतर दाम में अपनी फसल बेच सके।
e-NAM का संचालन स्मॉल फार्मर्स एग्रीबिजनेस कंसोर्टियम (SFAC) द्वारा किया जाता है।
🎯 योजना के प्रमुख उद्देश्य
किसानों को फसल बेचने के लिए पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बाज़ार उपलब्ध कराना
बिचौलियों और दलालों की भूमिका को कम करना
किसानों को देशभर के खरीदारों तक सीधी पहुँच दिलाना
ऑनलाइन बोली और भुगतान प्रणाली को अपनाना
✅ मुख्य लाभ
उचित मूल्य:किसान अपनी फसल को कई खरीदारों के सामने ऑनलाइन रख सकता है, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और उसे अच्छा दाम मिलता है।
पारदर्शिता:ई-नाम पर बोली प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी होती है। कोई हेराफेरी की संभावना नहीं रहती।
सीधी बिक्री:किसान अपनी उपज सीधे व्यापारी, थोक व्यापारी या रिटेलर को बेच सकता है।
ऑनलाइन भुगतान:फसल बिकते ही किसान को सीधा बैंक खाते में भुगतान प्राप्त होता है।
डिजिटल गुणवत्ता जांच:मंडियों में फसल की गुणवत्ता जांच के लिए विशेष ई-नाम लैब्स की सुविधा दी गई है।
🧑🌾 पंजीकरण प्रक्रिया
किसान को अपने नजदीकी ई-नाम से जुड़े APMC मंडी कार्यालय में जाना होता है
आवश्यक दस्तावेज़:
आधार कार्ड
बैंक खाता विवरण
भूमि या फसल संबंधी दस्तावेज़
एक बार पंजीकरण होने पर, किसान को लॉगिन ID और पासवर्ड दिया जाता है
किसान फिर वेबसाइट www.enam.gov.in या मोबाइल ऐप के माध्यम से फसल सूचीबद्ध कर सकता है
🆕 2025 में आए नए अपडेट्स
ई-नाम मोबाइल ऐप को और आसान बनाया गया है
अब तक 1,300 से अधिक मंडियों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा चुका है
किसानों को ई-नाम प्रशिक्षण कैंप के माध्यम से डिजिटल शिक्षा दी जा रही है
मंडी में डिजिटल तौल मशीनें और ट्रांसपोर्ट सर्विस को जोड़ा गया है
📌 किसानों के लिए सुझाव
पंजीकरण के समय सही मोबाइल नंबर और बैंक विवरण दें
फसल की गुणवत्ता स्पष्ट रूप से दर्शाएं
बोली लगाने वालों की रेटिंग और इतिहास की जांच करें
ऑनलाइन भुगतान को लेकर अलर्ट रहें
🔚 निष्कर्ष
ई-नाम योजना किसानों को देशभर में अपनी फसल बेचने की ताक़त देती है। यह योजना डिजिटल भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है जो किसानों को पारंपरिक बंधनों से मुक्त कर रही है। पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और तुरंत भुगतान — ये सब कुछ अब किसान के हाथ में हैं।अगर आप किसान हैं और अब तक e-NAM से नहीं जुड़े हैं, तो यह सही समय है।
"अब किसान मंडी नहीं, मंडी आएगी किसान के पास — ई-नाम के साथ!"



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